सूर्य नमस्कार आसन क्या है! यह कब?, क्यों? और कैसे किया जाता है?, जानिए संपूर्ण
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सूर्य नमस्कार आसन क्या है! यह कब?, क्यों? और कैसे किया जाता है?, जानिए संपूर्ण
जानकारी सूर्य नमस्कार श्लोक Surya Namaskar Shlok भगवान सूर्य नारायण की कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए हमारे शास्त्रों में कई श्लोक है। उन्हीं में से ये श्लोक, जिसका सूर्य आराधना में हम इस्तेमाल कर सकते हैं। इसे सूर्य नमस्कार से पहले हम सूर्य नारायण के लिए यह श्लोक बोल सकते हैं। आदि देव नमस्तुभ्यं प्रसीद मम भास्कर। दिवाकर नमस्तुभ्यं प्रभाकर दर्शनम।। अर्थ – है आदिदेव सूर्य नारायण, आपको प्रणाम करता हूँ। हे भास्कर आप मुझ पर प्रसन्न हों। हे दिवाकर, हे प्रभाकर मैं आपको प्रणाम करता हूँ। आदित्यस्य नमस्कारान ये कुर्वन्ति दिने दिने। आयुः प्रज्ञा बलं वीर्य तेजस्तेषां च जायते।। अर्थ – जो मानव प्रतिदिन सूर्य नमस्कार करते है, उनका आयुष्य (आयु), प्रज्ञा (रौशनी), बल, वीर्य एवं तेजस्विता ( तेज ) बढ़ती है। साथ में हमारी त्वचा से जुड़े रोग दूर होते है। सूर्य नमस्कार का मंत्र Surya Namaskar Mantra सनातन हिन्दू संस्कृति में किसी भी मंत्र का विशेष महत्व है। मंत्र के दोनों शब्दों (मं+त्र) को अलग किया जाये तो, मन का अर्थ मनन होता है। और त्र का अर्थ शक्ति होता है। मन की शक्ति बढ़ाने के लिए किया जाने वाला जाप इसे मंत्र कहते है। सूर्य न…